भारतीय दंड सहिंता की धारा 188- Section 188 of the Indian Penal Code

Updated: May 20

नमस्कार साथियों, आइये जानते है कि क्या है भारतीय दंड संहिता की धारा 188 और क्या है इसका प्रावधान-


साथियों भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति किसी भी लोकसेवक द्वारा प्रतिपादित किसी भी आज्ञा या आदेश का उलंघन करता है जिसके लिए लोकसेवक सशक्त है तो वह व्यक्ति IPC की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय होगा, इसके अंतर्गत दंड के प्रावधान निम्न है:- 1. यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उलंघन करता है तो एक निश्चित समय के लिए उसे कारावास जिसे बढ़ाकर 1 माह तक किया जा सकता है अथवा 200 रूपए ज़ुर्माना लगाया जा सकता है या फिर दोनों किया जा सकता है। 2. यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उलंघन इस प्रकार करता है जिससे कोई दंगा कारित होता हो, या फिर किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य अथवा जीवन को क्षति पहुचती हो तो उसमें निश्चित समय के लिए कारावास जिसे बढाकर 6 माह किया जा सकता है अथवा 1000 रूपए जुर्माना या फिर दोनों दिया जा सकता है। यहाँ यह इस बात का ध्यान रखना आवश्यक है व्यक्ति द्वारा किये गए आदेश के उलंघन से क्षति की बात सोचना अपराधनीय नहीं है बल्कि उस अवज्ञा से क्षति होना संभाव्य होना चाहिए।

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